हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बहरैन में आले ख़लीफा सरकार ने हज़रत फातेमा ज़हरा (स) की शहादत के सिलसिले में आयोजित मजलिसों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कई नागरिकों और धर्मगुरुओं की हिरासत बढ़ाने का फैसला किया है।
आले ख़लीफा सरकार ने हुसैनिया हाज अहमद बिन खुमैस के प्रमुख उस्ताद हबीब अब्बास खुमैस और मजलिस के खतीब मुल्ला हबीब दराज़ी की हिरासत में 15 दिनों की और वृद्धि करने का निर्णय लिया है, ताकि उनसे पूछताछ जारी रखी जा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुल्ला हबीब दराज़ी को इससे पहले एक ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, जिसमें वे ज़ियारते आशूरा का पाठ कर रहे थे।
बहरैन के गृह मंत्रालय ने दावा किया है कि इस गतिविधि से कुछ धार्मिक हस्तियों और धार्मिक प्रतीकों का अपमान हुआ है। मंत्रालय के अनुसार, इससे सांप्रदायिक तनाव पैदा होने और सामाजिक शांति को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
ये गिरफ्तारियां बहरीन में शिया नागरिकों की धार्मिक गतिविधियों और मजलिसों के आयोजन को लेकर सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाइयों के बीच सामने आई हैं।
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